Sunday, April 5, 2009

अरे वो तो बस दुखी ही रहता है

आज मैं दुखी हूं
क्या फिर से तुम दुखी हो
हां फिर से
उफ इस बार क्या हो गया
पता नहीं
पता नहीं ,फिर क्यों दुखी हो
क्या दुख हो तो उसके पीछे कुछ होना ज़रूरी होता
हां जरूरी है ..बहुत ज़रूरी है
बे बात के दुखी होना बेवाकूफों की निशानी है
तो मैं बेवाकूफ ही सही
पर कोई तो वजह होगी
तुम वजह जान कर क्या करोगे
कुछ नहीं पर जानना चाहता हूं
क्यों
मेरी आदत है मेरा शौक है
क्यों क्या करते हो जान कर
मै क्या कर सकता हूं
कुछ नहीं तो ..तो फिर
हां बस तुम दुखी हो ये बात मैं दूसरों को बता दूगां
दूसरों को तुम मेरा दुख ,दूसरों क्यों बताओ गे
मैं तो यही करता हूं
दूसरे क्या जवाब देते हैं
कुछ नहीं वो कहे देते है
अरे वो तो बस दुखी ही रहता है

No comments: