Sunday, April 19, 2009

क्या आप बन्तों को जानते है ?

कैसे बचें बन्तों से..
क्या आपने कभी प्यार किया है ..क्या कभी आप डेट पर गये हैं..क्या आप किसी लड़की से अकेले में मिलने की चाहत रखते हैं...क्या मिलें हैं ..पहेली मुलाक़ात क्या आपको याद है..तो आप बन्तों को ज़रूर जानते होगें ।
आज मैं आपको बन्तों का परिचय दूगां फिर आप मुझे बताईयेगा क्या आपकी ज़िन्दगी में भी कोई बन्तों आई..या आपने भी कभी बन्तों का पात्र अदा किया
या नहीं..
बन्तों वो हस्ती है तो हर खूबसूरत लड़की के साथ एकस्ट्रा पैकज के रूप में आती है वो उस लड़की से एकदम विपरित होती है ... अगर लड़की गोरी है तो वो काली,अगर लड़की ने मॉडर्न कपड़े पहने हैं तो वो हिन्दुस्तानी लिबास में मौजूद होगी.।
वो लड़की की गार्ड की भूमिका में आती है ..प्रेमिका को पांच मिनट लेकर आती है और दो घण्टे तक बैठी रहती है ..लड़का लड़की तो कम खाते हैं वो उनसे दोगुना निगल लेती है ।..और दूसरी टेबल पर बैठे पूरी नज़र लड़की और लड़के की बातों और हरकत पर रखती है ..औऱ बीच बीच में अपने उस्तादों वाले दाव पेंच भी लड़की को बताती रहती है । हर दो तीन मिनट बाद वो लड़की को चलने के लिये कहती है या दूसरी स्थिति में वो लड़की से जल्दी से काम की बात कहने का इशारा करती और लड़के से कबूलनामा करने का आग्रह..
बन्तों की भूमिका बहुत अहम होती है जब तक प्रेम प्रंसग पूर्ण रूप से शुरू नहीं हो जाता ..वो हर पहेलू पर बात करती है ..हर बारीकी का ज़िक्र करती है .हंसी बोली और चाल सब पहचानती है ..और आपके फायदे की सलाह देती है ... लड़का लड़की के बीच का सूत्र बन जाती है ..और बात बन जाती है तो लड़के को तुरन्त जीजू कहे देती है ..
पर जब प्रेमी जोडे एक हो जाते हैं तो ये बन्तों मज़ाक का पात्र बन जाती है उसकी हर एक बात पर सब को हंसी आती है ...बन्तो फिर उनकी जिन्दगी में नहीं आती ।
अगर वो दिखती भी है तो उससे कट जाते हैं क्योकि बन्तों उनके सारे राज़ जानती है ..जिसे वो भूल जानना चाहते हैं । पर बन्तों नही भूलती...

1 comment:

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र said...

आपकी पोस्ट चिठ्ठी चर्चा में