Friday, August 7, 2009

What an idea सरजी.....

What an idea सरजी.....
इस विज्ञापन ने देश में क्रांती लाई हो या न लाई हो पर न्यूज़ चैनल वालों ने इसे अपना गुरूमंत्र मान लिया है । आज एक ऐसे ही आईडिए की तलाश में हर चैनल धूम रहा है..टीआरपी तो बेवफा है एक दिन ठुकरा ही देती है ..इसीलिए एक ऐसा कार्यक्रम चाहिए जिसे दर्शक गले लगा ले और चैनल बाज़ी मार जाए...
ज़ोर शोर से तैयारी है इस बार तो कुछ कर जाएगें अपने दिग्गजों को छोड़ा है वो कुछ नया लाएगें..अपने पास जितना दिमाग था उतना लगा दिया ..एक नया कार्यक्रम अपने चैनल पर ला दिया...सब ने बॉस की बहुत तारीफ की सर क्या बात है ,,ये तो हीट है...पर हफ्ते भर बाद नतीजा आया... मामला फिसससससस.....
क्या करें जनाब ये भी लोगों को पसंद नहीं आया ... कारण खोजने चले तो जिन्होने तारीफ की थी वो ही अब बुराई करने लगे ..सर ये हो जाता तो अच्छा था ,सर ये कर लेते तो ठीक था ... अबे उस वक्त क्या सांप सूंध गया था या लक्वा मार गया था जो मुंह से आवाज़ नहीं निकली ...
जी यही हाल कमोबेश हर चैनल का है ..एक नई चीज़ की तलाश ..अब तो स्टिंग आपरेशन भी नही रहे , साधू पंडित भी लगातर फ्लाप हो रहें है.. तर्क वितर्क में हमारा एंकर अपना ऐसा ज्ञान देता है की गेस्ट के साथ दर्शक भी पल्ला झाड लेते हैं...दूसरे चैनलों से चोरी की वो भी नहीं चली ...राखी सांवत की सगाई की भी खबर बना दी ...अब कहां से लाए और मसाला ...
लगातार लोगों की रूचि न्यूज़ से हटती जा रही है कारण जानने चले तो सब बोले भाई अब न्यूज़ रहीं कहां...अब सवाल है कहां गई न्यूज़...इस सवाल से बड़ा सवाल है की न्यूज़ होती क्या है ....
काली दाढी में सफेद बाल वाला पत्रकार ..कंधे पर खादी का झोला लटाकए रखने वाला पत्रकार ,ब्लैक बैरी फोन पर लिखता पत्रकार, या लैप टॉप लिए फिरता पत्रकार ..सब तलाशते दिख रहे हैं एक नए idea ... को...
पर आईडिया है की आता ही नहीं....मंदी की मार झेल रहे देश में सब से ज्यादा जो मंदी है वो नए idea की ही है...
इस ब्लाग को हर चैनल वाले पढ़ते हैं..इसलिए दोस्तों अगर आप के पास कोई IDEA हो तो ज़रूर लिखे शायद आपका IDEA पढ़ कर कोई चैनल वाला कहे दे WHAT AN IDEA SIRJI….

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