Saturday, September 4, 2010

हर दिन

हर दिन
हर दिन एक नई शुरूआत है
हर दिन एक नई ज़िन्दगी का साथ है
हर दिन कुछ खोना है
हर दिन एक नया मुकाम है
हर दिन एक झगड़ा है
हर दिन एक समझौता है
हर दिन एक तमन्ना है
हर दिन का रोना है
हर दिन सोना है
और हर दिन एक दिन का इंतज़ार है

6 comments:

Udan Tashtari said...

बहुत बढ़िया.

sunshine said...

हर दिन ब्लॉग पढना है ;
और ...फिर
एक नयी अच्छी सी पोस्ट का
इंतजार करना है .

Sonal said...

bahut badiya...

A Silent Silence : Shamma jali sirf ek raat..(शम्मा जली सिर्फ एक रात..)

Banned Area News : Rare book on political and economic history of India digitized

nikhil nagpal said...

din nikla, phir subah hui, phir shaam dalegi...yunhi chal rahi hai zindgi, chalti rahegi...

Poorviya said...

bahut hi sunders hai din ka aana aur din ka jaana

शरद कोकास said...

हर दिन ऐसा ही लिखें ।