Saturday, December 25, 2010

साल खत्म हो रहा है -2010

साल खत्म हो रहा है
लो 2010 भी खत्म हो रहा है पांच दिन बाद 2011 का आगमन हो जायेगा...दिसंबर आते आते बीते महीनों की बातें धुधली होने लगती और बीते सालों की यादे तो मानो खत्म हो जाती है बस रहे जाता है अच्छे और बुरे अनुभवों के निशान। इस साल न कोई नये दोस्त बने और न कोई नये दुशमन ऐसा मैं मानता हूं हां इंक्रीमेंट 13000 का जरूर हआ था पर आज की तारीख़ में मेरे बैंक खाते में सिर्फ 25,000 रूपये ही बचे हैं सारे पैसे कहां गये उसका भी कोई अता पता नहीं एक रिश्ते के भाई की शादी हो गई और कई दोस्त भी निपट गये। टेलीविज़न के ऑवर्ड मिले कई ऑवर्ड में बेस्ट कैटेगरी में शामिल हुए.. पुराने प्रोग्राम ले लिये गये नये कार्यक्रम दे दिये गए.सिर के कुछ और बाल खत्म हो गए।लखनऊ,सहारनपुर पंजाब उडीसा धूम भी आये । पत्नी से कई बार झगड़े हुए और कई बार समझौते विदेशी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का स्वागत किया और देसी नेताओं के ब्रष्ट्र चेहरे देखने को मिले तबीयत बिगड़ी तो कभी संभली डेंगू चिकनगूनिया और नये किस्म के बुखारों का सामना किया तेल मंहगा प्याज़ मंहगी मंहगा टमाटर खरीदा । नई जगह नौकरी की तलाश की पर नतीजा सिफर ही निकला।ईद बकरीद मोहरर्म भी मनाया नए कपड़े नये जूते भी खरीद लिए। नौकर गया लौट आया ज़िंदगी उसी रफतार से चलती रही। कॉमनवेल्थ या सचिन के 50शतक सभी मैने देख लिए पर 35 साल में ही जीने की हसरत न जाने क्यों खत्म हो रही है दूसरों के पैसे देख कर अपनी ज़िन्दगी बड़ी हीन लगती है। 2011 एक नया महमान आयेगा अपने साथ अपनी किसमत और शायद हमारी बुलंदी लाये या फिर उसकी जिन्दगी भी हमारी तरह ही कष्टों बातों और सपनो में बीत जायेगी और वो भी हमारी तरह साल दर साल अपनी नकामी के किस्से ग़लत सही शब्दों मे लिखकर आप लोगों का वक्त ज़ाया करेगा ।..साल खत्म हो रहा 2011 न जाने अपने साथ क्या क्या लाये ..अल्लाह खैर करे ।।

Saturday, December 11, 2010

बिन नाम के लोग

बिन नाम के लोग
(news production crew)

पर्दा और पर्दे पर दिखने वाले लोगों और उनको पर्दे पर लाने वाले लोगों के बारे में जाने अंजाने सब लोग कुछ न कुछ जान ही जाते हैं । फिल्मी दुनिया के बारे में सब को काफी उत्सुकता होती है इसलिए उनके बारे में लोग पता लगा लेते हैं बहुत लोगों की कमाई सिर्फ उनके बारे में लिखने से होती है इसलिए आये दिन उनके बारे में लिखा ही जाता है ..और दुनिया को उनके बारे में पता चल ही जाता है ।
यही हाल टीवी के मनोरंजन चैनल में काम करने वाले लोगों का होता है उनके नाम से भी ज्यादतर लोग वाकिफ होते हैं । क्योंकि एक लंबा क्रेडीट रोल उन सब लोगो के नाम का वर्णन कर देता है जिन का सहयोग पेश किये कार्यक्रम में होता है । जिसमें आम लोगों को भले ही रूचि न हो पर हां उस क्षेत्र में काम करने वाले लोग उनके काम की प्रशंसा करते है और उनके काम को सराहा जाता है ।
जब बात टीवी के न्यूज़ चैनल की आती है तो लोगों की जुंबा पर स्क्रिन पर दिखने वाले चंद लोग ही होते हैं। रिपोर्टर या कार्यक्रम प्रस्तुतकर्ता को सारा श्रेय चला जाता है ज्यादा से ज्यादा कैमरा मेन का नाम ले लिया जाता है । और इसका सबूत भी ये है कि अबतक किसी न्यूज़ चैनल के आर्वडों मे प्रोडक्शन की कोई कैटेगरी ही नहीं डाली गई है । कारण ये है कि किसी को जानकारी ही नहीं है कि न्यूज़ चैनल में प्रोडक्शन करता क्या है । तबकि हकीक़त ये है कि न्यूज़ चैनल में प्रोडक्शन ही है जो चैनल की रूप रेखा तय करता है और उसे दिशा देता है ।
रिपोर्टर, एंकर और लिखने वाले लोगों के काम को चमक प्रदान करता है । शायद ही लोगों को मालूम हो जिन रिपोर्टरो की रिपोर्टिंग की दुनिया वाह वाही करती है वो असल में कैसे कैसे कार्य और रिपोर्टिंग कर के वापस और स्टोरी को टेप में रिकॉर्ड करके ले लाते हैं .. जिन्हे प्रोडक्शन के लोग उनके लाये हुए शॉटस में अपने अनुभवों से जान डाल देते है बिना किसी श्रेय या पुरस्कार के ।
क्या आप ने कभी ये सोचा है कि हर न्यूज़ चैनल में एक तरह की रिपोर्ट होने के बावजूद वो जो एक दूसरे से अलग दिखता है उसके पीछे प्रोडक्शन का ही हाथ होता है । एक रिपोर्ट किस तरह लोगों तक पहुचनी चाहिए और लोगो पर कैसे इसका प्रभाव पड़ेगा मूयिज़क से लेकर ग्राफिक्स तक रिपोर्टर नहीं बताता ये काम प्रोडक्शन का ही होता यहां तक रिपोर्टर को कहा किस जगह क्या और किस तरह बोलना और चलना है इस का खांचा भी प्रोडक्शन ही तय करता है ।
कोई कार्यक्रम कितने बजे चलना और उसका प्रोमो कैसे बनना है ये काम भी प्रोडक्शन की ही जिम्मेदारी होती रिपोर्टर अपनी स्क्रिप्ट लिखवा कर चल देता है उस रिपोर्ट को फाइनल रूप प्रोडक्शन ही देता है ।
कई चैनल तो केवल प्रोडक्शन के ही दम से चलते हैं और सही में चैनल वो ही चल पा रहा है जिसमें कनटेंट के साथ प्रोडक्शन की जानकारी है चाहे आजतक हो इंडिया टीवी हो या फिर स्टार न्यूज़ । इनको चलाने वालों को शॉटस और शॉटस के ट्रीटमेंट की पूरी जानकारी है शायद आप को लगे न्यूज़ नही है पर कहानी ज़रूर है जिससे लोग उसे देखने के लिए रूक जाते हैं। इसलिए अगर अब कभी आप कोई अच्छा कार्यक्रम देखें तो प्रोडक्शन टीम की भी तारीफ ज़रूर करें।

Friday, December 3, 2010

सलमान ख़ान ने निकलवाया मनोज तिवारी को – बिग बॉस

सलमान ख़ान ने निकलवाया मनोज तिवारी को – बिग बॉस

जैसा की हमेशा लोग जानना चाहते हैं कि बिग बॉस में सब कुछ पहले से तय होता है या सब असलियत होती है । कुछ हिस्सा तो बनावटी होता है जिसे टीवी की भाषा में स्क्रिप्टिड कहा जाता है ...पर वोटिग और लोगों का जाना लगभग सही होता रहा है पर जब से सलमान ख़ान बिग बॉस को होस्ट कर रहे हैं तब से लोगों का जाना भी वो ही तय करते हैं और उनकी इच्छा के अनुसार ही लोग निकलते हैं ।
मनोज तिवारी का जाना जनता का आदेश नहीं सलमान ख़ान का फरमान रहा है ..मनोज तकरीबन एक लाख से ज्यादा वोटों से अशमित से आगे थे पर सलमान को ये पंसद नहीं था इसलिए रातों रात स्क्रिप्ट बदलली गई और मनोज तिवारी को एक झूठे आदमी के तोर पर दिखाया गया.. इसलिए अगर आपने कार्यक्रम देखा होगा तो पहली बार सलमान ने मनोज को एक गंदे आदमी के रूप में दिखाया और इस तरह से बोला जिससे से साफ जाहिर था कि वो मनोज को पसंद नही कर रहे । वहां बैठे प्रतियोगी को भी इस का यकीन नहीं था ।
सुत्रो का कहना है कि सलमान के इस फैसले की वजह वीना और अशमित पटेल के बीच चल रही प्रेम कहानी है जिस से चैनल को बॉल्ड (अशलील) सीन देखने को मिलते हैं ..यही वजह रही गोस्वामी के जाने की भी ..
मनोज तिवारी का फैसला बहुत ग़लत और नाइंसाफी भरा कदम है .. पर सलाम ख़ान तो असली दबंग है उनके फैसले को कौन चैलेंज कर सकता है ।