Tuesday, December 27, 2011

यादगार ऐ ग़ालिब

यादगार ऐ ग़ालिब के नाम से इस साल गालिब की हवेली को दिल्ली की विरासत के तौर पर पर्यटन राह की पर एक महत्वपूर्ण हवेली बनाने के उद्देश्य से हवेली में उल्लेखनीय परिवर्तन की तैयारी है-------मिर्ज़ा ग़ालिब के जन्म दिन के मोके पर पुरानी दिल्ली के बल्लीमारान की तंग ओर गलियों में रौनक आ गई---दिल्ली की मुख्यमंत्री ओर फ़िल्मी गीतकार गुलजार ने इस हवेली में जाकर ग़ालिब को याद किया ----- इंडियन काउन्सिल फॉर कल्चरल रिलेशन के सोजन्य से प्रायोजित प्रदर्शनी और गालिब के जीवन ओर उनसे जुड़े पहलुओ को साउंड ट्रैक द्वारा प्रायोजित करने की योजना का मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया ---- तीन दिनों तक मनाए जाने वाले जश्न यादगार ऐ ग़ालिब के दोरान मुश्यारा, गीत ओर नाटकों का आयोजन भी किया जायेगा ----यादगार ऐ ग़ालिब के नाम से इस साल गालिब की हवेली को दिल्ली की विरासत के तौर पर पर्यटन राह की पर एक महत्वपूर्ण हवेली बनाने के उद्देश्य से हवेली में उल्लेखनीय परिवर्तन की तैयारी है-------मिर्ज़ा ग़ालिब के जन्म दिन के मोके पर पुरानी दिल्ली के बल्लीमारान की तंग ओर गलियों में रौनक आ गई---दिल्ली की मुख्यमंत्री ओर फ़िल्मी गीतकार गुलजार ने इस हवेली में जाकर ग़ालिब को याद किया ----- इंडियन काउन्सिल फॉर कल्चरल रिलेशन के सोजन्य से प्रायोजित प्रदर्शनी और गालिब के जीवन ओर उनसे जुड़े पहलुओ को साउंड ट्रैक द्वारा प्रायोजित करने की योजना का मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया ---- तीन दिनों तक मनाए जाने वाले जश्न यादगार ऐ ग़ालिब के दोरान मुश्यारा, गीत ओर नाटकों का आयोजन भी किया जायेगा ----

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