Monday, October 29, 2012

centum learning(film theatre artiste of india)

Film on centum learning …..


Format : anchor A/Vs

Scene -1

montage ( visual with audio mera kal banaegag behtar with visuas of centum learning centre board , teaching , mobile officer , various shots of film)

scene -2 ( anchor entry shots of village static camera he come in front of camera )

anchor – कैसे हैं भई आप सब . ( घ्यान से कैमरे के तरफ देखते हुए ) ऊं... .. उदास लग रहे हैं ,चहेरे पर मायूसी ,दुख और ग़म... ( कान को इस तरह की कुछ सुनने कि कोशिश...) क्या कहा बेरोज़गारी और तंग हाल में कैसे खुश रहेगे .. ओ .... ( कुछ सोचते हुए) .. चलो आज आपकी सारी समस्याओं का The end कर दें क्या चाहत है आपकी ..अपने परिवार के लिए कुछ करने की , नौकरी करने की , पैसा कमाने की .. कोई ट्रेनिंग कर ली जाए ,जिससे काम मिल जाए ..और जीवन खुशहाल हो जाए ऐसा सोचते हैं.. .. पर ट्रेनिंग के लिए पैसे कहां से आये ... कहीं से पैसों का जुगाड़ कर के ट्रेनिंग कर भी ली जाए ..तो नौकरी को कहां तलाश किया जाए.. चारो तरफ ठग बैठ है..ऐसे कई सवाल आपके दिमाग में घूम रहे होगें.....(ज़ोर देते हुए होंटों को दबाते हुए) अगर कुछ ऐसा हो जाए ... कोई आप के पास खुद ही आ जाए .. आपको किसी काम की ट्रेनिंग देने के लिए एक सेंटर में बुलाया जाए ..और जब आप ट्रेनिंग करने आए आपको सेंटर तक पहुंचने का किराया भी मिले ..और खाना भी ... इतना ही नहीं ट्रेनिंग के बाद आपका किसी कंपनी में इंटरव्यू कराया जाए... नौकरी दिलाई जाए ... काम के मौहौल में ढ़ालने में भी मदद की जाये ..और ट्रेनिंग के बाद आप को दो हाज़ार रूपए भी मिले और जो तनखाह मिल रही है वो सो अलग ... क्या मजाक लग रहा है आपको झूठ लग रहा है .. मैं आपको झूठा और मज़ाकिया आदमी लग रहा हूं..ये मज़ाक नहीं.. सच है..centum learning देश के अलग अलग कोने में ऐसा ही कर रही है ... आप जानना चाहेगे centum learning क्या है centum learning एक बढ़ती हुई मल्टूनेशनल हैं जो आपको कुशल कामगार बनने की ट्रेनिंग देती है जिसके पास 1000 से ज्यादा ट्रेनिंग देने वाले स्पेशलिस्ट हैं जो 20 देशों के 169 शहरों में 278 skil development सेंटर चला रहे हैं। जिसमें अब तक तकरीबन दस लाख लोगों को ट्रेऩड किया जा चुका है.। भारत में centum learning ने साझेदारी की nsdc यानि national skils development corporation के साथ तो centum learning का नाम पड़ा centum work skill ( cwsi)..पूरा मामला एक दम फिट ..आपका कल बेहतर बनाने के लिए centum learning के लोग निकल पड़ रहे हैं..

vo-1 (shots of mobilization) गांव गांव शहर शहर ..कसबे कसबे ,ज़िले ज़िले ..तंग तंग गलियां .. ऊंचे नीचे रास्ते ,पहाड़ नदियां सब को पार करते .. हिमाचल हो, पंजाब हो ,मध्य प्रदेश हो, छतिसगढ़ हो या फिर हो असम ..लोगों को बताना , समझाना .एक जगह बुलाना ,पंचायत लगाना ..फिर उनके सवालो का जवाब देना .. आपके कल को बेहतर बनाने के लिए आपको तैयार करना ...

various BYTe ..breathe of mobization officer

Vo-2 .लोगों की अपनी जिन्दगी होती है .. अपना तरीका ,ज़िन्दगी को टाइम पास समझना . ताश खेलना ,तफरी करना . हर क्षेत्र में अपने जीवन को लोगों ने अलग अलग तरह से ढ़ाल लिया है ..उनकी बेहतरी के लिए उनको बदलाना उनको समझाना काफी बड़ी चुनौती है ..

Byte- hp ( its difficult to convince them)

Vo-3- उनको समझाने के लिए स्थानिय लोगों की मदद ली जाती है , जैसे सरकारी मुलाज़िम , ज़िला अधिकारी सरपंच, पत्रकार जो वहां के लोगों को बताते है centum learning के skill development सेंटर में ट्रेनिंग लेने के फायदों को और ये भी बताते हैं कि ये एक सही जगह है। इसका उद्देश्य सही है।ये सब सिर्फ बाते नहीं हैं वास्तव में हकीक़त है।

Byte- sarpanch. Reporter..

Anchor-centum learning के skill development centre में ट्रेनिंग लेने के लिए कुछ ज़रूरी बातें। जैसे आपकी उम्र 18-35 साल के बीच होनी चाहिए। कुछ सीखने की आप के अंदर इच्छा होनी चाहिए । कम से कम आप ने आठवीं कलास तक पढ़ाई करी हो यही बाते centum learning के ऑफिसर, ट्रेनेर, जा कर सब को बताते हैं..एक बात आपको और बता दूं कई शहरों में भारती वॉलमार्ट skill development centre भी हैं जहां लोग training लेकर उन्ही के भारती वॉलमार्ट स्टोर में नौकरी कर सकते हैं।.इस तरह उनको समझाया जाता है कि जहां आपको ट्रेनिंग दिलाई जायेगी वो भी मुफ्त वो एक दम सही जगह है ।और सिर्फ ट्रेनिंग ही नहीं उसके बाद आपको रोज़गार भी दिलाया जाएगा।

बाइट ( कैसे लोगों को समझाते हैं

बाइट( कोर्स

Vo-4 जो लोग ट्रेनिंग के लिए सेंटर में आते हैं उनको एक वक्त का खाना मिलता है और जो लोग दूर से आते हैं उन्हे किराया भी दिया जाता है ..साथ में अलग अलग क्षेत्रों में ट्रेनिंग दी जाती है आपकी योग्यताओं के हिसाब से, जैसे किसी को रिटेल की , मॉल में अलग अलग काम करने की , स्टोर में, सैल्स मैन या सैल्सगर्ल की, गार्डस की, डीटीएच लगाने की ग्रामीण इलाकों में बीपीओ खोलने की और भी कई तरह की.. आपके अपने क्षेत्र में या क्षेत्र के बाहर शहर में या गांव में जहां आपको नौकरी मिल सकती है या नौकरी दिलाई जा सकती है इन सारे विकल्पओं को देखते हुए skill development centre काम करता है । मुख्य उदेश्य centum learning का ये ही है कि जिन लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं हैं चाहे वो पीछड़े वर्ग से हो, ग़रीब परिवारों से, जिनकी घर की आमदनी अच्छी नहीं है, परिवार में बेरोज़गार लोग ज्यादा है और आमदनी कम है इस तरह के परिवारों का और लोगों का चयन करना उनकी जिन्दगियों को बदलना और उनको आर्थिक और समाजिक रूप से ऊपर उठाना और सब को अपने पैरों पर खड़ा कर के मज़बूत बनाना

बाइट ट्रेनर

बाइट ट्रेनर

Anchor: इसके बाद लोगों की ज़िन्दगियों में बदलाव आना लाज़मी है और लोगों की ज़िन्दगी में बदलाव आ रहा है ।अब हम आपको मिलाते हैं कुछ ऐसे लोगों से जिन्होने centum learning से ट्रेनिंग ली और अपनी ज़िन्दगी को बेहतर और उज्वल रास्ते की तरफ कर दिया.. किसी का सपना साकार हो .. किसी ने पहली बार मॉल देखा ,किसी ने पहली बार जूते पहने ,किसी ने पहली बार एटीएम का इस्तेमाल किया ,किसी ने अपने पापा को ऑटो दिलाया किसी ने अपनी मां की मदद की तो कोई पिता का सहारा बना...और किसी को अपनी मोहब्बत मिली ।

( all achiever frame will cut in window in one side… anchor)

Anchor हमारे साथ है इस वक्त असम के अजमल हुसैन , छतीसगढ़ से, दिनेश साहु के ट्रेनर हैं... जो बताएगे कैसे दिनेश साहु ने जूते खरीदे । दुर्गा प्रसाद है ..जन्नूमाईदेवी है... जो आज अपने पिता से ज्यादा कमा रही हैं, सकीना बेग़म है जिन्होने अपने पिता को भी अपने पैरों पर खड़ा कर दिया शिवनाथ है जो अपनी ज़िन्दगी के बदलाव के बारे में कहेगें ...और वो माता पिता भी हैं जिनके बच्चे कल तक भटके हुए थे ग़लत रास्ते पर थे पर centum learning के skill development centre में आने के बाद वो आज अपने परिवार का महत्वपूर्ण सहारा बन गए है । ये सब आपको बताएगें कि Centum learning ने किस तरह इनकी जिन्दगी को बदल दिया।

बाइट एक बाद एक...

Anchor ; कल आपकी भी कहानी यहां दिखायी जाएगी .. आपकी कामयाबी की दास्तां भी लोग सुनेगे.. कहते है सब की किस्मत में खुशियों का दरवाज़ा एक बार ज़रूर खुलता है ..आपका वक्त आ गया है जल्दी से ,centum learning के skill development centre में आये । हम आपका कल बेहतर बनाए गये .... क्योंकि centum learning skill development centre लोगों की ज़िन्दगियों में बेहतर बदलाव लाता है और आगे भी लाता रहे गा आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों को ऊपर उठाने का ज़िम्मा centum learning ने उठा लिया है .. अब आप कमज़ोर नही रहेगे किसी पर निर्भर नहीं होगे क्योकि centum learning की पूरी टीम आपके साथ है .. तो मेरे साथ आप भी कहे मेरा कल बनेगा बेहतर ....

बाइट .. मेरा कल बने गा बेहतर...

The end…



रोटी और किसान(नाटक theatre artiste of india)

credit card and insurance ...




बाबा का क्रेडिट और बीमा...



( एक गांव खामोश बियाबा-....खाली मंच......पीछे गाने की आवाज़..



गाना



जब आदमी के पेट मेंआती हैं रोटियां

फूली नहीं बदन में समाती हैं रोटियां ...

जितने मज़े हैं सब दिखाती हैं रोटियां

जब आदमी के पेट में आती हैं रोटियां

दर्द दर्द नहीं रहता है बना जाता है दवा

जब ज़िन्दगी का मतलब समझाती है

ये रोटियां....



बाबा और चेले का प्रवेश ...



चेला - बाबा ये हम किस गांव में आ गये ,इतनी मायूसी ..इतनी उदासी ,कौन सी जगह है ये ....

बाबा- इस उदासी ,इस मायूसी को दूर करने के लिए तो हम आये... है

( पीछे से रोने की आवाज़ आती है ..दोनो पीछे की तरफ देखते है तभी एक किसान ..दौड़ता हुआ आता है ..और मंच के आगे बैठ जाता है दोनो बाबा चेला उसकी तऱफ देखते हैं...)

किसान -- हाय-- हाय हम तो लूट गये बर्बाद हो गये..हाय कुछ न बचा...

चेला ( आगे आते हुए उसके कंधे पर हाथ रखता है ) अरे अरे क्या हुआ...क्यों इतने दुखी और निराश हो दोस्त..( किसान कंधे से हाथ झटक देता है और बोलता है ..)

किसान -- दोस्त... ( धूरते हुए)हूं.. क्या तुम भी कोई साहूकार हो जो पहले दोस्त कहते हैं ..फिर दोस्त का घर लूट लेते हैं ..तन से कपड़ा और मुहं से रोटी छीन लेते हैं ...हाय हा. मैं तो लूट गया...( गांव के दो लोग और आ जाते है...)



बाबा ... ( शांति से )... नहीं हम तुम्हारे हमदर्द हैं ... तुम जैसे किसानों की हालत को जानते हैं.......



किसान --- ( दूसरे किसानों की ओर देखते हुए)..ये हमारी हालत को जानते हैं...दिखते तो फकीर हैं ... अरे तुम्हे क्या पता एक किसान को किस किस तकलीफ से गुज़रना पड़ता है ..

दोनो किसान--- गुज़रना पड़ता है

किसान - किस किस मुसीबतों का सामना करना पड़ता है

दोनो किसान - करना पड़ता है ...

( तीनो मुंह बना कर दर्शकों को इशारा करते है ..जैसे ये हमें बता रहा है ..)

बाबा ( चेले की तरफ देख कर मुस्कराते हुए) चलो मान लिया हम नहीं जानते ... कुछ नहीं जानते ...

चेला-- तुम्ही बताओ दो बाबा को अपनी तकलीफें...

किसान ( साथियों को देखते हुए) अरे छोड़ो , तुम फकीर .. क्या कोई मंतर मार कर ....हहहहहह.. सारी परेशानिया दूर कर दो गे ।जाओ बहुत देखे तुम जैसे .... हम किसानों को तो ज़मीन आसमान दोनो से मार पड़ती है ..जो बच जाता है उसे यहां बैठे सूदखोर चूस लेते हैं ..हाय हाय... लूट गया...लूट गया.. ( किसानो को देखते हुए...)

तीनो बोलते हैं --- लूट गये लूट गये...

बाबा - दोस्त पर इसी गांव में महेश भी तो रहता है..उसके साथ भी तो यही सब हुआ ..फसल बर्बाद हो गई घर में कुछ खाने को नहीं बचा था पर उसके पास तो फिर सब कुछ आ गया ..वो तो तुम्हारी तरह नहीं रो रहा...

किसान-( अपने साथियों को और दर्शकों को देखता हुआ ....) लो भई ..ये महेश को भी जानते हैं ( दोनो किसान हंसते हैं )

बाबा मेरे फकीर बाबा ..जानते हो उसकी घरवाली चूड़ैल है ..चूड़ैल ... जादू टना जानती है .उसके घर तो भूत प्रत का डेरा ..है वो ही अनाज रख जाते हैं..( पीछे दोनो किसान भूत की आवाज़े निकालते हैं) सूखे में..बाढ़ में पैसा बहाता हैं ...धत्त ... उसकी और हमारी क्या बराबरी ... हाय हाय हम तो लूट गये बर्बाद हो गये...)...

चेला ( गुस्से में ..)--- चुप चुप ( दोनो किसानो को एक एक हाथ मारता है) चुप वो भी था ..हां वो भी तुम्हारी तरह परेशान ... उसे भी दिया बाबा नें किसान क्रेडिट कार्ड और बीमा का ज्ञान ...

किसान --- अरे जा जा ..हमें नहीं चाहिए तेरे बाबा का ज्ञान अबी बहुत ज़िन्दगी पड़ी है हमारी ..बीमा के चक्ररों मे नहीं पड़ना है हमें हम कोई मर गये है जो बीमा की रकम हमें मिलेगी..बताओ जी बड़े आये बाबा बन कर....

चेला -- अरे अरे मुर्ख.. ये हैं राष्ट्रीय कृषि बीमा की बात --- बाबा आप ही समझाओ...

बाबा-- तुंम जैसे किसानो के लिए ही सरकार ने कृषि बीमा शुरू किया है..फसल का बीमा करवाओऔर चैन से सो जाओ..फसल को कुछ हुआ तो बीमा से नुकसान की राशी पाओ...सरकार तुम्हारे नुकसान की भरपाई करे गई.. और अगली फसल के बीज खरीदने हों तो बनवाओ किसान क्रेडिट कार्ड..।

किसान -- बाबा ऐसी कई योजनाए आती हैं ... पर जब जाओ तो ये काग़ज़ कम है वो कागज़ कम है ये लाओ वो लाओ ..इधर जाओ उधर जाओ ..इससे साइन करवाओ उससे साइन करवाओ .. छोड़ो छोड़ो.. उन झझटो में हमें नही पड़ना ...

बाबा - बिलकुल नहीं कृषि बीमा के लिए सिर्फ ये फार्म भरो ,फोटो लगाओ और पास के किसी भी सहकारी बैंक में जा कर झटपट बींमा करवाओ ,,और खुशिया मनाओ.. चेले खींच सदानंद की फोटो ..और एक फोटो इसकी भी



चेला .ये पहली फोटो

ये दूसरी फोटो

लो भर गया है फार्म

दुख..और परेशानी

gone gone...

end ...... ..

www.theatreartisteofindia.com









किसान और सिकंदर(नाटक theatre artiste of india)










नुक्कड़ नाटक की शैली ..

सारे कलाकार एक घेरा बनाते हैं और गीत गाते है...



o palanhare, nirgun aur nyare -2,

tumare bin hamara kaunon nahee

hamaree uljhan suljhao bhagwan,

tumare bin hamara kaunon nahee

tumhe hamaka ho sambhale,

tumhe hamare rakhwale

tumare bin hamara kaunon nahee



किसान -1..सुनो सुनो भई..अपना भुवन जी भुवन अब तो तीन idiots का बीग इडियट्स बन गया है

दूसरा किसान - अच्छा जी अच्छा क्या कर रहा है

तीसरा - कहे रहा है सूखे से निपटने का तरीका है उसके पास ..

(ज़ोरदार हंसी सब हंसते हैं.. हा हा ..)

किसान-1 सूखे का ..हा हा हा हकीम लुकमान जिस का इलाज नहीं कर पाये.. उस सूखे का इलाज भुवन करेगे ..भुवन ... वहा वहा ( हंसते है सब)

किसान -1 हमारे ताऊ की आंखों मे मोतिया हो गया ..

किसान दो - हमारे मामा का तो जीगर डोल गया

किसान तीसरा - सूरज की तपिश से हमारा पूरा खानदान काला हो गया ...

किसान1- जॉमीन बंजर हो गई ..खेत पत्थर हो गया...

किसान 3- ऐसी भंयर प्राकिृत आपदा से निपटने का तरीका वो जानता है ..कल बच्चा ...क्या मज़ाक है ..

भुवन - ये मज़ाक नहीं है ययये सच है ..सही दिशा में सोच से किसी मे विपदा से निपटा जा सकता है तो सूखा क्या है ..और मैं इसे कर के दिखाऊंगा...

किसान- जा भुवन जा बहुत देखे तुम जैसे सिरफिरे -- उम्र हो गई हमारी ...

भुवन - आप लोग मेरी बात क्यों नहीं मान रहे ..हर साल सिंचाई में कितना पैसा खर्च करते हो ..कहां कहां से मशीने ला कर पानी का जुगाड़ करते हो फिर बी खेत सूखे का सूखा.. जबकि ये काम कितनी आसानी से हो सकता है और हमारा खेत..हर वक्त हरा भरा रहे सकता है ...

किसान - अरे चल पहले कुछ करके तो दिखा ...फिर बोल..भुवन तो थोड़ा अलग होता है धीरे धीरे किसान उसे धेरते है गाना गाते हुए...

Behti hawa sa tha woh

Udti patang sa tha woh

Kahan gaya usse dhoondo

Hum ko to raahein thi chalati

Woh khud apni raah banata

Girta sambhalta masti mein chalta tha woh

भुवन फावड़ा लेकर खेत को ओर निकलता है ..पीछे से आवाज़ा आती है ...

आवाज़ा1- क्यो भुवन कहां चले सुबह सुबह ..

दूसरी आवाज़ अरे अपने खेत में खेत मे गड्डा खोदने

आवाज़ ..गड्डा हा गधा और गड्डा ... हा हा ...

कहते है जो गड्डा खोदता है वो खुद उसमें गिरता है ..हा हा हा ....

भुवन -- (गड्डा खोदते हुए)..वो गिरते हैं जो दूसरे के लिए गड्डा खोदते हैं और मैं अपने लिए अपनी धरती के लिए अपने खेत के लिए गड्डा खोद रहा हूं,,,हां इस बार बरसात में देखो कैसे बदलती है किस्मत...

गाना -- काले मेधा काले मेधा पानी तो बरासओं.. पानी तो बरसाओं...

किसान -- देखो देखो भुवन के गड्डे में तो पानी भर रहा है ..लो भाईया ..खेत मे नाला निकलेगा ....नाला ..

भुवन - नाला नहीं ..ये वो नदी है जो मेरे खेत को पूरे साल सीचें गी ।

किसान- अजी हां ..ऐसा भला हो सकता है ..

किसान -2 अजी बरसात में इस का दिमाग भी भय गया...

हा हा हा ...

कोरस-- हंसी हंसी में वक्त गुज़र गया

पानी बरस कर यूंही बह गया...

न की इन्होने पानी की कद़र ..

लो फिर से आ गया ... जीवन में दर्द....

किसान- अरे भगवान फिर से पानी की कमी ..फिर से सूखे का प्रकोप.. कैसे करूं सिचाई..

किसान दूसरा - हमारे खेत तो सूखने लगे पर भुवन का खेत लह लहा रहा है ( तभी भुवन आता है )

भुवन -क्यों भई इस पागल के खेत को क्यो देख रहे हो...

किसान - भुवन ये कमाल कैसे हुआ ...

भुवन - ये कोई कमाल नहीं है बस जो मैने गड्डा खोदा था उसकी बदौलत है .. ( किसान सिर झुकाते हैं)..उस गड्डे में पानी जमा हुआ जिसे मेरी ज़मीन नम रहने लगी और खेत हरा भरा ..तुम लोगों को भी सलाह दी थी पर तुम नहीं माने ..( किसान शर्मिदा दिखे )तभी अचानक एक किसान कुछ देखते हुए....

किसान -- अरे भुवन तुम्हारे तलाब में कुछ किसान कुछ डाल रहे हैं ...

किसान- देखो देखो भुवन कहीं खेत न सूख जाए

भुवन - ( हंसते हुए) नहीं मैं अब उस पानी मेम मछली पालूगां .. जिससे खेती के साथ मेरी और भी आमदनी बढ़ जायेगी ...

किसान --- अरे वाह...

दूसरा किसान --- आमदनी बढे गी ..और खर्च मछली पालना आसान है क्या .. खिलाऊगे क्या...

भुवन --- ताऊ मेरे पास जो मुर्गिया हैं उसका दरबा तलाब के ऊपर बनवाऊंगा..मुर्गियां भी पले गी और मछलिया भी ...

मुर्गी पालन और मछली पालन दोनो काम एक साथ...

किसान ..वाह भुवन वाह..

भुवन--- और ये ही नही.. कृषि बीमा और क्रेडिट कार्ड की बदौलत मुझे किसी से कर्ज़ लेने की ज़रूर नबीं और मेरी खेती भी सुरक्षित...

सारे किसान .. अपना भुवन तो मास्टर .. वो आमिर ख़ान की फिल्म का गाना है न..

वो सिंकदर ही दोस्त..कहलाता है ..हारी बाज़ी तो जीत कर लाता है...



o palanhare, nirgun aur nyare -2,

tumare bin hamara kaunon nahee

hamaree uljhan suljhao bhagwan,

tumare bin hamara kaunon nahee

tumhe hamaka ho sambhale,

tumhe hamare rakhwale

tumare bin hamara kaunon nahee

www.theatreartisteofindia.com

किसान बना करोड़पति (नाटक theatre artiste of india)


करोड़पति किसान...



कोरस--सुनो सुनो ..

सदानंद बाबू कि किसमत बदल गई

किसमत बदल गई

रंगत बगल गई

रंगत बगल गई सौबत बदल गई

रात ही रात दुनिया बदल गई...

..

मिश्राजी भीड़ से अरे भई के हो ..क्यों संदानद जी के यहां खुशिया है

मंच से -- डाक्टर साहब आओ ऊपर आओ..संदानंद जी जा रहे बच्चन जी मिलने

मंच से दूसरा -- करोडपति सिरियल में

मिश्राजी - सदानंद ज़रूर जीते गा..हम सब की दुआ है उसके साथ...

-कोरस--सुनो सुनो ..

सदानंद बाबू कि किसमत बदल गई

किसमत बदल गई

रंगत बगल गई

रंगत बगल गई सौबत बदल गई

रात ही रात दुनिया बदल गई...

..सेट में दो कुर्सियां ...

अमिताभ बच्चन की एंटरी..

अमिताभ -- देवियों और सजनो कौन किसान बने गा आज इस मंच से करोड़पति आपका इंतज़ार खत्म ..इस हाट सीट पर बैठने आ रहे है सदापुर के किसान संदानद.....

( तालिये के साथ सदानंद की एंटरी )

आज इस हाट सीट में हमारे साथ है सदानंद...सदानंद अपना परिचय दिजिये..

सदांनंद-- शर्माते हुए जी मैं सदानंद ..पिता जी गजानंद बस खेती बाड़ी करता हूं और उसके बारे में ही जानता हूं...

अमिताभ तो ठीक है वक्त ज्यादा जयाज़ न करते हुए आपसे खेती के बारे में सवाल पूछते हैं...और हां इन सवालों के आपके पास कई विकल्प भी है ..जो मैं आपको शो के दौरान बता चलूगां...

हमारा पहला सवाल है ...

दर्शको क तरफ आप लोगों से मैं बीच पुछूंगा..

अगर आपके चार बेटों में और आपकी ज़मीन उन में बंट जाती है ..यानि ज़मीन सबके हिस्से में थोड़ी थोड़ी या छोटा छोटा हिस्सा आता है तो आप क्या करेगे...

आपके विकल्प है यानि आपशन..

1) खेती करना ही छोड़ देगें शहर की तरफ पलायन करेंगें

2)ज्यादा बीज को डालेगें...

3) ज्यादा मात्रा में कैमीकल उरवारक का इस्तमाल करेगे

4) या फिर अधिक आमदनी देने वाली सब्जिया या फल लगाएगे..

आपका क्या जवाब है .सोच समझ कर जवाब दिजिए...

किसान - जी मैं अधिक आमदनी देने वाली सब्जिया या फल लगाओं गा...

अमिताभ क्यों तुक्का .. देखिए इतना दूर से आये हैं और पहले सवाल में घर चल जायेगे ..

किसान -- मैने तो सोच समझ कर जवाब दिया मैं .न जी न किसान अपनी ज़मीन छोड़ कर क्यों जाये शहर जब सब कुछ इज्जत विजत जब गांव में है तो शहर में क्या करे ..

और बीज और उरवारक का ज्यादा इस्तमाल से कुछ न होने का .. इसलिए भई मैं तो यही कहूं.. की ज्यादा आमदनी देने वाली सब्जियों और फलो को लगाओ और खुश हो जाऊ...

अमिताभ -- सोचते हुए.. बहुत चकित कर दिया हमें.. हमारे पास मिेसेज़ नटराजन है...उनसे पूछते है क्या आपका जवाब सही है..

मिसेज नटराजन...

अमिताभ -- एकदम ठीक जवाब .. और ये आप पहला चेक.... दूसरे सवाल की तरफ बढ़ते है

प्राकृतिक आपदा कुदरत का कहर बाढ़ के रूप में अकसर आजाता है जिससे किसानो को काफी नुकसान होता है और ज़िन्दगी भर की कमाई स्वाह जाती है ऐसे में बिटिया की शादी आ जाये तो आप क्या करेंगे..

1) अपनी किस्मत को रोएगे

2) ऱिश्ता टाल देगें..

3)रिश्तेदारों के आगे हाथ फैलाएगें

4) या इंशोरनस से अपने नुकसान की भरपाई और बचत से बिटिया की शादी करेगे...

किसान -जी न तो मैं रों ,अपनी किस्मत को ,न फैलाओ अपने हाथ रिश्तेदार और दोस्तों के आगे ... मैने कर रखा है ..कृषि बीमा.. कोई भी आए आपदा अपना है बीमा,,,,,आप कर दो इसको लोक्क..और चलो तीसरे सवाल की तरफ..

अमिताभ ...वाह भई वाह..जिसके किसान ने करा रखा हो कृषि बीमा ..उसे काहे का रोना....

चारों तरफ ज़ोरदार तालियां...संदानंद ज़िन्दा बाद ज़िन्दाबाद..ज़िन्दाबाद..

अमिताभ-- मिश्राजी दो पंकितया याद आ गई हमें..

घर में खुशियां द्वार पे रौनक

खेत हरे खालियान हरे

गांव गांव में होगी खुशहाली नई दिशा के द्वार खुले ...

चलिए आगे चलते हैं और तीसरा सवाल पानी की किल्लत यानि पानी की कमी हो तो आप क्या करेगें..

1)सिचाई छोड़ देगें

2)एक ही फसल लेगें

3) उधार लेकर टयूब वेल लगवाएगें

4)जल संरक्षण करेगं यानि water haresting...

किसान सोचने लगा ... आपके पास विकल्प है और कई विशेषज्ञ.. और आपका दूसरा चेक भी तैयार है..

किसान ..मै किसी जानकार की राय लेना चाहता हूं...

अमिताभ - ठीक.. फिर चलते है मिसेज़ नटराजन के पास...

मिसेज़ नटराजन आप किस विकल्प के साथ है और क्यों ....

मिसेज़ नटराजन...

किसान -में जल संरक्षण के विकल्प के साथ जाता हूं ...

अमिताभ - एकदम ठीक..

फिर तालिया----

अमिताभ .. पहले आपको चेक देता हूं फिर मिश्राजी की पंक्तिया आप को सुनाता हूं ....

जल सरंक्षण की विधि अपनाना

स्प्रिकलर खेतों में लगाना

वर्षा जल को संचय कर लो

पूरे बरस तुम फसल उगाना ..पूरे बरस तुम फसल उगाना ...

बड़ा रौचक खेल चल रहा है ..

इसी बीच यहां मौजूद दर्शको से सवाल पुछता हूं ... जिसके जवाब पर आपको पुरस्कार भी दिया जायेगा

ये सवाल सदानंद के लिए नहीं ..आपके लिए है ..

अगर भूमि ऊसार है तो क्या करेंगे..

विकल्प है..

कॉमपोस्ट का प्रयोग करेगें..

चूने का उपयोग करेगे

फसल बदल कर देखेंगे

या फिर जिमसम का इस्लमाल करेगे ..

सवाल को ध्यान से सुनिये और इसका जवाब देगे तो मेरे हाथो से पुरस्कार पायेंगे..

सदानंद जी आपके लिए अगला सवाल ...

मशनीरी युग है हर काम मशीन से होता है अगर धान की कमी है और आपको मशीन लेनी हो तो क्या करेगें..

1) मशीन का इस्तेमाल नहीं करेंगे ..

2) सरकार से सब्सीडी की मांग करेगें

3)मुफ्त में मशीन सरकार दे ये चाहेगे..या फिर

4) समूह बना कर फंड जमा करेंगे इससे मशीन खरीदकरऔर एक दूसरे को मशीन भाड़े में देगे ...

किसान - देखो जी मशीन इस्तेमाल तो ज़रूरी है और सब्सीड़ी और मुफ्त में सरकार दे भी तो मैं उसके चक्कर में न पडूं उसके रखराव में बी तो खर्चा आता है ..इसलिए जी मैं चौथे विकल्प के साथ हूं..

अमिताभ --एक दम सही जवाब...सदानंद जी के लिए ज़ोर दार तालिया...और ये रहा आप का एक और चेक

भई वाह नये तरीको के तहत किसान आगे बढ़ रहा है...

और आप के सवाल भी आगे बढ़ रहे हैं...

अमिताभ -- अगर सूखा पड़ता है ...तो अगली फसल की कैसी तैयारी करेगें...

1) ज़ेवरात बेच देगें

2) ज़मीन बेच देगें

3) खेत को बंटाई पर देगें...

सदानंद जी आप बहुत मुस्कुरा रहे हैं... लगता है जवाब पता है

या क्रडिट कार्ड का इस्तेमाल करेगे..

सदानंद जैब से क्रेडिट कार्ड निकालते हुए जी मेरे पास क्रेडिट कार्ड है ..

वाह वाह अपनी आमदनी को बढ़ाओ

गर पैसे की पड़े ज़रूरत तो किसान क्रेडित कार्ड बनवाओ..

हां ओसार भूमि हो तो क्या करे गा किसान ... पता चला जवाब.चलिए हमारे कृषि दर्शन कार्यक्म के मीणाजी आप सब को बताते हैं जवाब...

मीणाजी...

अमिताभ- संदानंद जी ..आप जीत से सिर्फ एक कदम की दूरी पर है ... और ये सवाल हमारे भारत के हर किसान की ज़िन्दगी से जुड़ा हुआ है ...

फसल की कटाई के तुरंत बाद पैसा ज्याद कैसे पाउगे...

मैं विकल्प बताने जा रहा हूं ... सोच समझ कर बताना नहीं तो बाबूजी कविता जो बीत गई सो बात गई वाली बात हो जायेगी...

1) फसल कटने से पहले ही सौदा कर लो गे..

2) घर में ऱखोगे और व्यापारी से संपर्क करोगे..

3)फसल काटने के बाद जो ज्यादा पैसा देगा उसे बेच डालो गे...

4)वैज्ञानिक भण्डारन करके अच्छा दाम मिलने पर बेचो गे..

सोच समझ कर जवाब दिजिए..आप यहां मौजूद लोगों राय जान सकते..बताइये आप सदानंद को कौन विकल्प बताते हैं...

बताइ..सदानंद की जीत का सवाल...



मैं जी अंतिम सवाल पर लोगों की राय पर जाना चाहता हूं ....

एक दम सही .. और इसबार के विजेता सदांदन फूल पुर गां व के ...और ये आप का चेक...

ज़ोर तालियों से करिये स्वागत...आपके गांव के लोग आपको देख रहे है .. आज दिल्ली के इस कृषि मंत्रालय के पवेलियन इतनी मात्रा में किसान आये है इन सब के सामने आप विजेता है ..आप इन सब से कुछ कहना चाहेगे...

सदानंद - जी ज़रूर..हम भारतीय है हमे बच्चपन से सिखाया जाता है कि धरती हमारी माता है ... बस मैने इस बात को गांठ बांध लिया इस लिए सरकारी मदद और अपने दिमाग और सूझबूझ और जानकारी हर वक्त हमारी सहायता करते कृषि अधिकारियों से और कॉल सेंटर से हर बात की जानकारी जुटता रहा..और आज आपके सामन हूं,,,,

ज़ोरदार तालियां.. संदानंद बाबू के लिए...



कोरस--सुनो सुनो ..

सदानंद बाबू कि किसमत बदल गई

किसमत बदल गई

रंगत बगल गई

रंगत बगल गई सौबत बदल गई

रात ही रात दुनिया बदल गई...

..

समाप्त





Saturday, October 27, 2012

THEATRE ARTISTE OF INDIA

WE are the leading media and theatre organisation of delhi .We are
best in making promotional videos , training videos , corporate films,
educational and infotainment film in all format of communication
,whether it is visual ,audio or live performance .
We will be please if you give us chance to make promotional or
corporate video of your esteem work place.
we also want to conduct PERFORMING ARTS WORKSHOP with a motive which
focus specially dramatic yoga, extempore speaking arts, creating &
developing stories , role of observation, improvisation and
relaxation.
THEATRE ARTISTE OF INDIA responds to the growing need for a provider
that truly understands, creates and executes strategic brand
experiences - be it in the realm of ground-events, corporate films or
content suited for television programming. At TA, we present clients
with world-class services which when combined with our extensive
experience, a strong focus in creative strategy and delivery, strength
in technical innovation, provide elements that set the stage for a
spectacular and memorable end-product.

A thorough understanding of your brand is key to us. Its positioning
and its objectives, achieved through total brand immersion, is an
integral phase of the initial creative process which serves to inspire
a strategy aligned with your communication goals.

Driven by a passion for perfection, we strive to achieve the best
possible results. Our experience of over-15 years brings you
specialised expertise and the strength to never lose sight of the
end-goal, helps bring your vision to life with a world class brand
experience, that is nothing short of spectacular.

We are single-minded in our proposition to break from convention and
deliver customised brand experiences that are - simply put -
unique.Our sheer years in the world of television production gives us
an advantage over others in technological innovation, a keen eye for
detail, and even distinct details like proficiency in lighting. A
background in television makes us think in visual terms first, and
then translate that to text or words. This approach helps in creating
visually spectacular products, that also suit the purpose behind them.
Besides this, television has taught us to be team players - having
worked with people from diverse cultures and backgrounds with a common
aim to simply deliver
If you are interested tell us we will provide you Proposal and budget.

thanking you
s sharma
09871203347
creative director
www.theatreartisteofindia.com